Thursday, June 29, 2017

न्यूनतम समर्थन मूल्य किसे कहते हैं?

भारत में किसानों को उनकी उपज का ठीक मूल्य दिलाने और बाजार में कीमतों को गिरने से रोकने के लिए सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की घोषणा करती है. कृषि लागत और मूल्य आयोग की सिफारिशों पर सरकार फसल बोने के पहले कुछ कृषि उत्पादों पर समर्थन मूल्य की घोषणा करती है. खासतौर से जब फसल बेहतर हो तब समर्थन मूल्य की जरूरत होती है.

देश में 26 कृषि उत्पादों पर सरकार समर्थन मूल्य घोषित करती है. इनमें सात अनाज, पाँच दलहन, आठ तिलहन के अलावा जटा वाले और छिले नारियल, कपास, जूट और तम्बाकू शामिल हैं. इसके अलावा गन्ने की कीमतें गन्ना (नियंत्रण) आदेश 1966 के तय होती हैं. सत्तर के मध्य दशक तक दो तरह के मूल्य घोषित करती थी. एक, न्यूनतम समर्थन मूल्य, दो, खरीद मूल्य. पहले का उद्देश्य यह था कि बाजार में कीमतों को एक स्तर से नीचे न आने दिया जाए. दूसरे का उद्देश्य था सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम के वितरण के लिए एफसीआई जैसी सरकारी संस्थाओं द्वारा की जाने वाली रबी और खरीफ की खरीद का मूल्य तय करना.

सामान्यतः खरीद मूल्य बाजार मूल्य से नीचा और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ज्यादा होता था. इन दो कीमतों की नीति धान के मामले में 1973-74 तक जारी रही और गेहूँ के संदर्भ में 1969 में खत्म करने के बाद 1974-75 में एक साल के लिए फिर शुरू की गई. सन 1975-76 में बफर स्टॉक बनाने के लिए वर्तमान नीति शुरू की गई.

रेफ्रिजरेटर में कौन सी गैस डाली जाती है?

रेफ्रिजरेशन यानी फ्रिज और एयरकंडीशनरों में आमतौर पर फ्लुओरोकार्बंस, खासतौर से क्लोरोफ्लुओरोकार्बंस का इस्तेमाल होता था. इन्हें सीएफसी गैस कहा जाता है। इनका इस्तेमाल बंद हो गया है. ये गैसें ओज़ोन परत को नुकसान पहुँचाती हैं. अब हाइड्रोफ्लुओरोकार्बंस या एचएफसी का इस्तेमाल होने लगा है, जो शायद कम नुकसान पहुँचाती हैं. पर ज्यादातर ग्रीनहाउस गैसें जलवायु में परिवर्तन और धरती को गरम बनाती हैं. इन गैसों का उत्सर्जन एयरकंडीशनर, फ्रिज, कंप्यूटर, स्कूटर, कार आदि से है.

भारत में चंदन के पेड़ कहाँ पाए जाते हैं?

भारतीय चंदन का संसार में सर्वोच्च स्थान है. यह पेड़ मुख्यत: कर्नाटक के जंगलों में मिलता है तथा देश के अन्य भागों में भी कहीं-कहीं पाया जाता है. भारत के 600 से लेकर 900 मीटर तक कुछ ऊँचे स्थल और मलयद्वीप इसके मूल स्थान हैं. वृक्ष की आयुवृद्धि के साथ ही साथ उसके तनों और जड़ों की लकड़ी में सुगंधित तेल का अंश भी बढ़ने लगता है. इसकी पूर्ण परिपक्वता में 60 से लेकर 80 वर्ष तक का समय लगता है. इसके लिए ढलवाँ जमीन, जल सोखने वाली उपजाऊ चिकनी मिट्टी तथा 500 से लेकर 625 मिमी. तक वार्षिक वर्षा की आवश्यकता होती है.

विश्व की सबसे लम्बी कविता कौन सी है?

माना जाता है कि महाभारत दुनिया की सबसे लम्बी कविता है. इसमें दो लाख से ज्यादा श्लोक हैं. प्रसिद्ध ग्रीक महाकाव्य इलियाड और ओडिसी को एक साथ मिला लें तब भी महाभारत उनका दस गुना ग्रंथ साबित होगा.

सौरमंडल के ग्रहों और सूर्य के द्रव्यमान का अनुपात क्या है?

पूरे सौरमंडल का 99.86 प्रतिशत द्रव्यमान सूर्य में है. यानी शेष सभी ग्रह और उनके चन्द्रमा और उल्का पिंड मिलाकर 0.14 प्रतिशत हैं. उसके इसी द्रव्यमान के कारण उसकी गुरुत्व शक्ति है कि सारे ग्रह उसके चारों ओर घूमते हैं.
प्रभात खबर अवसर में प्रकाशित

Wednesday, June 28, 2017

यूरेशिया कहाँ है?

यूरेशिया एक भौगोलिक भूखंड है जिसे यूरोप और एशिया का मिलाजुला नाम दिया गया है. यूरेशिया मुख्यतः उत्तरी तथा पूर्वी गोलार्ध में स्थित है. इसके पश्चिम में अटलांटिक महासागर, पूर्व में प्रशान्त महासागर, उत्तर में आर्कटिक सागर और दक्षिण में अफ्रीका महाद्वीप, भूमध्य सागर और हिन्द महासागर हैं. यूरोप और एशिया को दो अलग-अलग महाद्वीप ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विभाजन को व्यक्त करते हैं. दोनों में स्पष्ट भौतिक विभाजक नहीं है. इसी कारण विश्व में कुछ देश यूरेशिया को महाद्वीपों में सबसे बड़ा मानते हैं. प्राचीन काल में काला सागर और मरमरा (या मरमोरा) सागर को यूरोप और एशिया की विभाजक रेखा माना जाता था. आजकल यूराल और कॉकेशस पहाड़ियों को सीमा माना जाता है. उन्नीसवीं सदी के रूसी दार्शनिक निकोलाई दानिलेव्स्की ने यूरेशिया को यूरोप और एशिया दोनों से अलग इकाई माना. इस परिभाषा को देखते हुए इन दिनों सोवियत संघ से अलग हुए गणराज्यों को यूरेशिया कहा जा रहा है. इस अर्थ में मध्य एशिया, तुर्की, मंगोलिया, अफ़ग़ानिस्तान और चीन के शेनजियांग प्रांत को इसके अंतर्गत रखा जा सकता है.

आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी कब शुरू हुई?

आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी प्रतियोगिता की शुरुआत 1998 में आईसीसी नॉकआउट टूर्नामेंट के रूप में हुई थी. सन 2002 में इसका नाम आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी हो गया. इसमें भाग लेने वाली टीमों की संख्या बदलती रही है. शुरू में इसमें केवल आईसीसी के पूर्ण सदस्य ही भाग ले पाते थे, पर 2000 से 2004 के बीच एसोसिएट सदस्यों को भी इसमें जगह दी गई. सन 2009 के बाद से इसे प्रतियोगिता शुरू होने के छह महीने पहले आठ सबसे ऊपर रैंक वाली एकदिनी टीमों की प्रतियोगिता बना दिया गया. इसके बाद आईसीसी ने घोषणा की कि 2013 में होने वाली प्रतियोगिता अंतिम होगी, क्योंकि एक नई आईसीसी टेस्ट चैम्पियनशिप शुरू होने वाली है. जनवरी 2014 में इस फैसले को बदल दिया गया. प्रस्तावित टेस्ट चैम्पियनशिप रद्द कर दी गई. हालांकि यह तय है कि सन 2021 की चैम्पियंस ट्रॉफी का आयोजन भारत में होगा, पर यह निश्चित नहीं है कि प्रतियोगिता होगी भी या नहीं. आईसीसी ने सन 2019 से एक नई एकदिनी लीग प्रतियोगिता शुरू करने की घोषणा भी की है. यदि नई लीग शुरू हुई तो चैम्पियंस ट्रॉफी रद्द की जा सकती है. 

ल मॉंद कहां का और किस भाषा का अख़बार है?

ल मॉंद मध्याह्न में प्रकाशित होने वाला फ्रांसीसी दैनिक है. दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान जब जर्मन सेना को पेरिस से खदेड़ दिया गया, तो फ़्रांस के सैन्य नेता जनरल चार्ल्स डि गॉल के आग्रह पर, 1944 में ह्यूबर्ट ब्यूवे मैरी ने इसकी स्थापना की. ल मॉंद का अर्थ है विश्व.

पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आई एस आई का पूरा नाम क्या है?

पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आई एस आई का पूरा रूप है इन्टर सर्विसेज इन्टैलिजेन्स. इसकी नींव एक ब्रिटिश सेना अधिकारी मेजर जनरल आर कॉथोम ने 1948 में रखी थी जो उस समय पाकिस्तानी सेना के डिप्टी चीफ़ ऑफ़ स्टाफ थे. पाकिस्तान के राष्ट्रपति फील्ड मार्शल अयूब ख़ान ने 1950 के दशक में इस एजेंसी की भूमिका बढ़ाई. इसका काम है विदेशी और घरेलू ख़ुफ़िया जानकारी जुटाना, सेना की तीनों शाखाओं के बीच समन्वय रखना, प्रसार माध्यमों, दूरसंचार, पाकिस्तानी राजनेताओं, विदेशी और पाकिस्तानी राजनयिकों पर नज़र रखना और गुप्त रूप से आक्रामक अभियान चलाना आदि.

वेंटीलेटर क्या है?

वेंटीलेटर कृत्रिम साँस लेने की मशीन है. जब व्यक्ति बीमारी की हालत में खुद साँस नहीं ले पाता तब उसे साँस देने और फेफड़ों की साँस बाहर निकालने का काम यह मशीन करती है. नाक के ऊपर मास्क लगाकर एक टर्बाइन या कॉम्प्रैसर के मार्फत हवा का दबाव बनाया जाता है ताकि वह कम से कम प्रयास के फेफड़ों में चली जाए.
प्रभात खबर अवसर में प्रकाशित

Sunday, June 18, 2017

मॉनसून का मतलब क्या?

अंग्रेज़ी शब्द मॉनसून पुर्तगाली शब्द 'मॉन्सैओ' से निकला है. यह शब्द भी मूल अरबी शब्द मॉवसिम (मौसम) से बना है. यह शब्द हिन्दी एवं उर्दू एवं विभिन्न उत्तर भारतीय भाषाओं में भी प्रयोग किया जाता है. आधुनिक डच शब्द मॉनसून से भी मिलता है. मॉनसून मूलतः हिन्द महासागर एवं अरब सागर की ओर से भारत के दक्षिण-पश्चिम तट पर आनी वाली हवाओं को कहते हैं जो भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश आदि में भारी वर्षा करातीं हैं. यह ऐसी मौसमी पवन होती हैं, जो दक्षिणी एशिया क्षेत्र में जून से सितंबर तक, प्रायः चार महीने तक सक्रिय रहती है. इस शब्द का पहला इस्तेमाल अंग्रेजों के भारत आने के बाद बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से चलने वाली बड़ी मौसमी हवाओं के लिए हुआ था.

मार्शमैलो क्या होता है?एंड्रॉयड मार्शमैलो या ‘एम’ मोबाइल फोन का ऑपरेटिंग सिस्टम है, जो 28 मई 2015 को जारी किया गया था. मूल रूप से यह फिंगरप्रिंट पहचान का समर्थन प्रदान करता है जिससे स्मार्टफोन को लॉक-अनलॉक किया जा सके और प्ले स्टोर पर सत्यापन के लिए उंगलियों के निशान के उपयोग से अनुमति दी जा सके. मूलतः मार्शमैलो भी एक प्रकार की मिठाई है. एंड्रॉयड के हर वर्ज़न का नाम मिठाई पर होता है. और यह भी कि यह नाम अल्फाबैटिक ऑर्डर में आगे बढ़ रहा है. कपकेक, डोनट, एक्लेयर, फ्रॉयो, जिंजरब्रैड, हनीकॉम्ब, आइसक्रीम सैंडविच, जैलीबीन और किटकैट से होते हुए यह मार्शमैलो को बाद यह सिलसिला नूगट तक जा पहुँचा है, जो मेवों और चीनी के मेल से बनती है. इसका अगला वर्ज़न ‘ओ’ होगा। क्या मिठाई बनेगी इस ‘ओ’ से, इसके बारे में सोचें। गूगल ने कभी यह स्पष्ट नहीं किया कि नामों का यह मिठास क्यों है.

जीएसएलवी और पीएसएलवी का अंतर?
दोनों भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के रॉकेट हैं. एक का नाम है पोलर सैटेलाइट लांच वेहिकल और दूसरे का नाम है जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लांच वेहिकल। दोनों में बुनियादी फर्क है भारवहन क्षमता का. पोलर सैटेलाइट लांच वेहिकल का संक्षिप्त नाम है पीएसएलवी. मूल रूप में पीएसएलवी को भारत के दूर संवेदन (रिमोट सेंसिंग) सैटेलाइट को सौर समकालिक कक्षा (सन-सिंक्रोनस ऑर्बिट) में प्रक्षेपण के लिए बनाया गया था. इसे केरल में तिरुवनंतपुर के पास स्थित विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर में नब्बे के दशक में डिजाइन किया गया था. इसका पहला प्रक्षेपण 20 सितम्बर 1993 को हुआ. पीएसएलवी डेढ़ टन के आसपास का वज़न जीटीओ (जियोस्टेशनरी ट्रांसफर ऑर्बिट) तक पहुँचा सकता है. इसमें बूस्टर लगाकर इसकी क्षमता बढ़ाई जाती है. मंगलयान को इसी रॉकेट ने पृथ्वी की कक्षा में भेजा था. जीएसएलवी को इस प्रकार डिजाइन किया जा रहा है कि उसके इंजन बदल कर उसकी क्षमता बढ़ाई जा सके. उसमें क्रायोजेनिक इंजन भी लगा है. भविष्य में जीएसएलवी का स्थान यूनिफाइड लांच वेहिकल (यूएलवी) जो मॉड्यूलर लांचर होगा. यानी उसके इंजन और बूस्टर बदल कर अलग-अलग वज़न का भार अंतरिक्ष में भेजा जा सके. बहरहाल जीएसएलवी हमारे पहले अंतरिक्ष यात्री को लेकर जाएगा.

हमारे देश में इंग्लिश कैलेंडर क्यों चलता है?

लागू होने की वजह तो सरकारी है. सन 1757 में प्लासी की लड़ाई के बाद भारत में ईस्ट इंडिया कम्पनी का शासन स्थापित होने की शुरूआत हो गई और तभी अंग्रेजी कैलेंडर का चलन शुरू हो गया. धीरे-धीरे पूरा देश अंग्रेजी शासन के अधीन आ गया. उसके पहले तक भारत में या तो विक्रमी पंचांग चलता था या इस्लामी काल पद्धति. आज ग्रेगोरियन कैलेंडर दुनियाभर की मानक काल-गणना पद्धति बन गई है.

आईएमई का फुलफॉर्म?
आपका आशय मोबाइल टेलीफोन के आईएमई से है, जिसका फुल फॉर्म है International Magnetospheric Explorer

हॉर्स पावर माने क्या?
हॉर्स पावर शक्ति की एक माप है. बिजली के मामले में आमतौर पर 746 वॉट को एक हॉर्स पावर मानते हैं. अठारहवीं सदी में स्कॉटिश इंजीनियर जेम्स वॉट ने स्टीम इंजन की तुलना माल ढोने वाले घोड़े या ड्राफ्ट हॉर्स से की तो यह चलन शुरू हुआ. इसके बाद टर्बाइन और इलेक्ट्रिक मोटर के इंजनों से इसकी तुलना शुरू हो गई.

प्रभात खबर अवसर में प्रकाशित

जीएसटी और जीएसटी कौंसिल क्या है?

जीएसटी का पूरा नाम गुड्स एंड सर्विस टैक्स  है. यह केंद्र और राज्यों द्वारा लगाए गए 20 से अधिक अप्रत्यक्ष करों के एवज में लगाया जा रहा है. जीएसटी 1 जुलाई 2019 से पूरे देश में लागू किया जाना है. इसे लगाने के बाद सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स, एडीशनल कस्टम ड्यूटी (सीवीडी), स्पेशल एडीशनल ड्यूटी ऑफ कस्टम (एसएडी), वैट/सेल्स टैक्स, सेंट्रल सेल्स टैक्स, मनोरंजन टैक्स, ऑक्ट्रॉय एंड एंट्री टैक्स, परचेज टैक्स, लक्ज़री टैक्स खत्म हो जाएंगे. वस्तुओं एवं सेवाओं पर केवल तीन तरह के टैक्स वसूले जाएंगे. पहला सीजीएसटी, यानी सेंट्रल जीएसटी, जो केंद्र सरकार वसूलेगी. दूसरा एसजीएसटी, यानी स्टेट जीएसटी, जो राज्य सरकार अपने यहां होने वाले कारोबार पर वसूलेगी. तीसरा होगा वह जो कोई कारोबार अगर दो राज्यों के बीच होगा तो उस पर आईजीएसटी, यानी इंटीग्रेटेड जीएसटी वसूला जाएगा. इसे केंद्र सरकार वसूल करेगी और उसे दोनों राज्यों में समान अनुपात में बांट दिया जाएगा.

जीएसटी लागू करने के लिए पिछले साल संसद ने 122वें संविधान संशोधन विधेयक को पास किया था. इसके अंतर्गत महत्वपूर्ण नीति निर्णय जीएसटी कौंसिल करेगी. इसके केंद्र सरकार के अलावा सभी राज्यों के वित्तमंत्री प्रतिनिधि इसमें शामिल हैं. इसकी अध्यक्षता केंद्रीय वित्तमंत्री करते हैं और इसके उपाध्यक्ष किसी राज्य के वित्तमंत्री होते हैं. जीएसटी कौंसिल में सभी फैसले तीन चौथाई सदस्यों की स्वीकृति से होते हैं. सभी राज्यों के कुल वोट जीएसटी के दो तिहाई वोट के बराबर है.

नोबेल पुरस्कार पाने वाली पहली महिला?

पहली महिला नोबेल पुरस्कार विजेता मेरी क्यूरी थी, जिन्होंने 1903 में भौतिकी के लिए नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया. उनके साथ उनके पति पियरे क्यूरी को भी यह पुरस्कार दिया गया. यही नहीं सन 1911 में मैरी क्यूरी को रसायन शास्त्र का नोबेल मिला. इस प्रकार वे दो नोबेल पुरस्कार पाने वाली पहली महिला भी बनीं. सन 1935 में मैरी क्यूरी की बेटी आयरीन जोलियो क्यूरी को रसायन शास्त्र का नोबेल पुरस्कार दिया गया. इस प्रकार वे पहली माँ और बेटी बनीं, जिन्हें यह पुरस्कार मिला. मेरी क्युरी (प्रारंभिक नाम मारिया स्कोलोडोवस्का) (7 नवंबर 1867- 4 जुलाई 1934) विख्यात भौतिकविद और रसायन शास्त्री थीं. मेरी ने रेडियम की खोज की थी.

अक्षय पात्र का मतलब क्या है?

महाभारत मे अक्षय पात्र का जिक्र आता है. पांचों पांडव द्रौपदी के साथ बारह वर्षों के लिए वनवास जाते हैं. जंगल में प्रवास करते हुए सैकडों साधु-संत और धर्मात्मा पुरुष उनके साथ हो जाते हैं. वे छह प्राणी अकेले भोजन कैसे करें, और उन सैकडों हजारों के लिए भोजन कहां से आए? पुरोहित धौम्य के कहने पर  युधिष्ठिर ने सूर्य के नाम का जाप किया. सूर्य प्रसन्न होकर युधिष्ठिर की इच्छा पूछते हैं. युधिष्ठिर ने कहा, इतने लोगों को मैं भोजन कैसे कराऊँ. सूर्यदेव ने एक ताँबे का पात्र देकर कहा- यह बर्तन मैं तुम्हें देता हूं. जब तक द्रौपदी परोसेंगी, तुम्हारे पास फल, फूल, शाक आदि चार प्रकार की भोजन सामग्रियां तब तक अक्षय रहेंगी. कथा के अनुसार द्रौपदी हजारों लोगों को परोस कर ही भोजन ग्रहण करती थीं. वे जब तक वह भोजन ग्रहण नहीं करतीं, पात्र से भोजन समाप्त नहीं होता था.

महात्मा गांधी के बेटे थे या नहीं?

गांधी जी के चार बेटे थे. हरिलाल, मणिलाल, रामदास और देवदास गांधी. एक शिशु का बचपन में निधन हो गया था.

ईफेल टावर का निर्माण किस वजह से किया गया?

फ्रांस के पेरिस शहर में सन 1889 में बनाई गई ईफेल टावर मूलतः 1989 वर्ल्ड फेयर के प्रवेश द्वार के रूप में बनी थी. इसका नाम इंजीनियर गुस्ताव ईफेल के नाम पर है, जिन्होंने इसे डिजाइन किया था.

एंटोमॉलोजी क्या है?

कीट विज्ञान (एंटोमॉलोजी Entomology) प्राणिविज्ञान का एक अंग है जिसके अंतर्गत कीटों अथवा षट्पादों का अध्ययन आता है. षट्पाद (षट्=छह, पाद=पैर) श्रेणी को ही कभी-कभी कीट की संज्ञा देते हैं.

ग्रेट विक्टोरिया रेगिस्तान कहाँ है?

द ग्रेट विक्टोरिया रेगिस्तान ऑस्ट्रेलियन रेगिस्तानों में से एक है. इस रेगिस्तान का क्षेत्रफल 338,000 वर्ग किमी है. इस विशाल रेगिस्तान में रेतीले टीलों की भरमार है, पर इसकी विशेषता है कि यहाँ वनस्पति बहुतायत से होती है. ब्रिटेन ने 1952 में जब एटम बम बनाया तो उसका परीक्षण यहाँ आकर किया.  
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शंघाई सहयोग संगठन क्या है?

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा सहयोग का संगठन है, जिसकी शुरुआत चीन और रूस के नेतृत्व में यूरेशियाई देशों ने की थी. अप्रैल 1996 में शंघाई में हुई एक बैठक में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान आपस में एक-दूसरे के नस्ली और धार्मिक तनावों से निबटने के लिए सहयोग करने पर राज़ी हुए थे. इसे शंघाई फाइव कहा गया था. शंघाई फाइव के साथ उज्बेकिस्तान के आने के बाद जून 2001 में शंघाई सहयोग संगठन की स्थापना हुई. 2005 में कजाकिस्तान के अस्ताना में हुए सम्मेलन में भारत, ईरान, मंगोलिया और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों ने पहली बार इसमें हिस्सा लिया. अब भारत और पाकिस्तान भी इस संगठन के सदस्य बन गए हैं. इस संगठन का मुख्य उद्देश्य मध्य एशिया में सुरक्षा चिंताओं के मद्देनज़र सहयोग बढ़ाना है. पश्चिमी मीडिया मानता है कि एससीओ का मुख्य उद्देश्य नेटो के बराबर खड़ा होना है. अमेरिका ने 2005 में इस संगठन में पर्यवेक्षक देश बनने के लिए आवेदन किया था, जिसे नकार दिया गया था.
मुस्लिम ब्रदरहुड क्या है?
हाल में सउदी अरब, मिस्र, बहरीन, यमन, लीबिया और संयुक्त अरब अमीरात ने कतर के साथ जब अपने राजनयिक संबंध तोड़े, तब आरोप लगाया कि कतर चरमपंथ फैलाने वाले इस्लामिक संगठनों की मदद कर रहा है. सउदी अरब की आधिकारिक प्रेस एजेंसी ने कतर पर आरोप लगाया था कि वह मुस्लिम ब्रदरहुड, इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा को अपनाकर क्षेत्र में अस्थिरता पैदा कर रहा है. इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा का नाम हमने हालांकि ज्यादा सुना है, पर द सोसाइटी ऑफ़ मुस्लिम ब्रदर्स या मुस्लिम ब्रदरहुड इन दोनों के मुकाबले ज्यादा पुराना संगठन है. यह कई अरब राष्ट्रों में सबसे बड़ा राजनीतिक प्रतिरोध संगठन है. इसकी स्थापना सन 1928 में एक इस्लामिक धर्म-शास्त्री हसन अल-बन्ना ने की थी. इसकी अनुमानित सदस्य संख्या 20 लाख है. जुलाई 2013 में मिस्र में मुहम्मद मुर्सी की सरकार के खिलाफ जनता सड़क पर उतर आई थी, जिसके बाद सेना ने उन्हें सत्ता से हटा दिया. मुर्सी के पीछे यही मुस्लिम ब्रदरहुड संगठन था, जिसे उसके बाद आतंकी संगठन घोषित कर दिया गया. इस संगठन का ध्येय वाक्य है, कुरान ही हमारा संविधान है.
सलीम-अनारकली की कहानी क्या सच्ची है?
सलीम-अनारकली की कहानी इतिहास सम्मत नहीं है. न तो अकबरनामा में और न तुजुक-ए-जहाँगीरी में इसका जिक्र है. अगस्त 1608 में भारत आए एक अंग्रेज पर्यटक-व्यापारी विलियम फिंच ने एक पत्रिका में प्रकाशित अपने संस्मरणों में अनारकली की कहानी का जिक्र किया था. दंतकथा के रूप से यह कहानी एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी के बीच चलती रही. उर्दू के लेखक अब्दुल हलीम शरर ने सम्भवतः इस विषय पर पहली साहित्यिक रचना लिखी थी. उन्होंने अपनी किताब के शुरू में ही लिखा कि यह रचना पूरी तरह काल्पनिक है.  अलबत्ता यह कहानी इतनी लोकप्रिय है कि लोग उसे ऐतिहासिक मानते हैं. मान्यता है कि अनारकली पंजाब में लाहौर के आसपास की रहने वाली थी. लाहौर में अनारकली की एक मज़ार भी है. अनारकली की इस कब्र पर दो तारीख अंकित है, जिसमें से एक हैं 1008 हिजरी (1599 ई.), और दूसरी है 1025 हिजरी (1615 ई.)। पहली तारीख अनारकली की मौत की है और दूसरी मकबरे का काम पूरा होने की तारीख है। अकबर का निधन 1605 में हुआ था और जहाँगीर यानी सलीम का 1627 में। तारीखें उसी दौर की ओर इशारा करती है.
क्या सफेद हाथी भी होते हैं?
दक्षिण पूर्व एशिया के थाईलैंड, म्यांमार, लाओस और कम्बोडिया आदि में सफेद हाथी भी मिलते हैं. इनकी संख्या कम होने के कारण इन्हें महत्वपूर्ण माना जाता है. राजा महाराजा ही इन्हें रखते हैं. हिन्दू परम्परा में सफेद हाथी ऐरावत है इन्द्र की सवारी. पवित्र होने के नाते इस इलाके में सफेद हाथियों से काम भी नहीं कराते. हाथी रखना खर्चीला काम है, इसलिए सफेद हाथी मुहावरा बन गया है.
क्या जानवर कलर ब्लाइंड होते हैं?
जो देखता है उसे कोई न कोई रंग तो दीखता ही है. कलर ब्लाइंड का मतलब है सारी चीजें एक या दो रंगों में नजर आना. चमगादड़ को ध्वनि की तरंगे बेहतर तरीके से समझ आती है. पर वे कलर ब्लाइंड होते हैं. बंदरों में तीन रंग देखने की क्षमता होती है. इंसान एक करोड़ तक रंगों को अलग-अलग पहचान सकता है. कुछ पक्षियों में रंग देखने की बेहतरीन क्षमता होती है वे अल्ट्रा वॉयलेट रंग भी देख लेते हैं.
भारत की सीमा से जुड़े पड़ोसी मुल्क कितने हैं?
चीन, पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान (कश्मीर का वह हिस्सा जो पाकिस्तानी नियंत्रण में है), नेपाल, भूटान, म्यांमार, बांग्लादेश, श्रीलंका और मालदीव. श्रीलंका और मालदीव पड़ोसी हैं, जमीन से जुड़े नहीं हैं.
एमएमएस का फुलफॉर्म?
मल्टीमीडिया मैसेजिंग सर्विस.

Sunday, June 11, 2017

धरती के नीचे क्या है?


आप कभी पृथ्वी में गड्ढा करने की कोशिश करें तो बहुत सफल नहीं होंगे. उपकरणों की मदद से भी दुनिया के वैज्ञानिक 8 किमी की गहराई तक के नमूने ले पाए हैं. दुनिया की सबसे गहरी खानें 3 किमी तक गहरी हैं. अलबत्ता वैज्ञानिक जानकारी के अनुसार धरती की सतह से उसके केन्द्र तक की दूरी तकरीबन 6400 किमी है. इसमें चार परतें खासतौर से हैं. सबसे ऊपरी परत को क्रस्ट कहते हैं. यह करीब 15 किमी गहरी है. उसके बाद है मेंटल जो करीब ढाई हजार किमी तक है. इसमें भी चट्टानें हैं, पर जैसे-जैसे गहराई पर जाएंगे चट्टानें गर्म होती जाएंगी. इसके बाद है बाहरी कोर जो पिघले लावा की है. लावा मुख्य रूप से लोहा और निकल है. इसके बाद सबसे अंदर की कोर ठोस लोहे और निकल की है.

वीजा-पासपोर्ट का इतिहास क्या है?

पासपोर्ट शब्द का अर्थ है पोर्ट से गुजरना. यहाँ पोर्ट का मतलब नगर के द्वार से है. यानी कि जब आप किसी शहर में प्रवेश करें तो अपना परिचय दें. माना जाता है कि इंग्लैंड के राजा हेनरी पंचम ने पहली बार ऐसे औपचारिक परिचय पत्र का आविष्कार किया, जिसे पासपोर्ट कह सकते हैं. इस प्रकार के दस्तावेज का सबसे प्राचीन विवरण सन 1414 के संसदीय अधिनियम के रूप में मिलता है. उसी समय पासपोर्ट शब्द का इस्तेमाल किया गया. उन्नीसवीं सदी में रेलवे के आविष्कार के बाद यूरोप में यात्राएं बढ़ गईं और उनकी तेज गति के कारण दस्तावेजों की जाँच मुश्किल काम हो गया तो लम्बे समय तक बगैर पासपोर्ट यात्राएं होती रहीं. पहले विश्व युद्ध तक पासपोर्ट की व्यवस्था लगभग समाप्त हो गई. विश्व युद्ध के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा के सवाल उठे और उसके साथ पासपोर्ट की आधुनिक व्यवस्था का विकास हुआ.

हिब्रू साहित्य में ईसा से तकरीबन साढ़े चार सौ साल पहले का जिक्र मिलता है जब फारस के राजा ने नीहीमिया नाम के एक अधिकारी को जूडिया भेजा, जिसमें दूर-दराज के सरदारों से अनुरोध किया गया था कि उसकी यात्रा में मदद करें. मध्य युग में इस्लामी खिलाफत में केवल उन लोगों को देश के विभिन्न हिस्सों में यात्रा करने की अनुमति थी जिनके पास ज़का और जिज़्वा की रसीद होती थी. एक तरह से यह पासपोर्ट था.

सन 1920 में लीग ऑफ नेशंस का पासपोर्ट और कस्टम की औपचारिकताओं के बाबत पेरिस सम्मेलन हुआ. इस सम्मेलन में पासपोर्ट की मानक बुकलेट डिजाइन स्वीकृत हुई. फिर 1926 और 1927 में इस विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन हुए. संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के बाद 1963 में अंतरराष्ट्रीय यात्रा को लेकर सम्मेलन हुआ. अलबत्ता सन 1980 में जाकर अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन ने मशीन रीडेबल पासपोर्ट का मानक रूप तैयार किया. हाल के वर्षों में बायोमीट्रिक्स पहचान को पासपोर्ट में शामिल किया जा रहा है. अब पासपोर्ट नागरिकता की निशानी हैं. सम्भव है कि भविष्य के पासपोर्ट स्मार्टकार्ड या किसी अन्य रूप में हों.

विदा लेते समय टाटा-बाय कहने का मतलब क्या है?

अंग्रेजी में विदाई के वक्त टाटा कहने का चलन है. यह शब्द बोली का है. इसका प्रचलन उन्नीसवीं सदी से हुआ है. ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी के अनुसार यह गुडबाय का नर्सरी संस्करण है. इसका इस्तेमाल पहली बार 1837 में दर्ज है. सन 1941 में बीबीसी के एक रेडियो प्रोग्राम में इस्तेमाल किया गया संक्षिप्त प्रयोग टीटीएफएन काफी लोकप्रिय हुआ था जिसका मतलब था टाटा फॉर नाउ.

डरने पर दिल की धड़कन तेज क्यों हो जाती है?

हमारा मस्तिष्क एक केन्द्रीय कम्प्यूटर की तरह शरीर के सारे कार्यों को संचालित करता है. यह काम नर्वस सिस्‍टम के मार्फत होता है. नर्वस सिस्‍टम का एक हिस्सा शरीर की साँस लेनेभोजन को पचानेपसीना निकालनेकाँपने जैसी तमाम क्रियाओं का संचालन करता रहता है. आपको उसमें कुछ भी करने की ज़रूरत नहीं होती है. इसे ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्‍टम कहते हैं. इस सिस्‍टम के दो हिस्से होते हैं. सिम्पैथेटिक और पैरासिम्पैथेटिक नर्वस सिस्‍टम. जब आप कोई डरावनी चीज़ देखते हैं तब सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्‍टम हृदय की गति को बढ़ा देता है. उसका उद्देश्य शरीर के सभी अंगों तक ज्यादा रक्त पहुँचाना होता है. साथ ही यह किडनी के ऊपर एड्रेनल ग्लैंड्स से एड्रेनालाइन हार्मोन को रिलीज करता हैजिससे मसल्स को अतिरिक्त शक्ति मिलती है. यह इसलिए कि या तो आपको लड़ना है या भागना है. दोनों काम के लिए फौरी ऊर्जा मिल सके.

हमारे दिल की धड़कन की सामान्य गति क्या है?

आमतौर पर आराम की स्थिति में 60 से 80 बीपीएम यानी बीट्स पर मिनट

दुनिया का सबसे लम्बा व्यक्ति कौन है?

गिनीज़ बुक के अनुसार तुर्की का सुलतान कोसेन इस वक्त संसार का सबसे लम्बा व्यक्ति है. 10 दिस 1982 को जन्मे सुलतान की लम्बाई 251 सेमी यानी 8 फुट 3 इंच है. यह माप 8 फरवरी 2011 को ली गई थी.
प्रभात खबर अवसर में प्रकाशित